"बातें जो दिल से निकलें और दिल को छू जाये... बातें कुछ हमारी और बातें कुछ तुम्हारी"
Thursday, January 9, 2014
एहसास
आपको नही मालूम कि मै किन पलों को चुरा रहा हूँ…… कभी किताब में कोई फूल दबा कर रखा है…… कुछ दिनों बाद ना तो उसमे खुशबू होती है और ना ही ताजगी…… रह जाता है तो बस फूल रखने का एहसास और बीते पलों की यादें……
Bilkul sahi ,sach , haqeeqat....
ReplyDelete