Thursday, January 9, 2014

पहली मुलाकात

इक पुराने जमाने की नज्म याद आयी... 
गुनगुनाया तो तेरी खोयी तस्वीर उभर आयी... 
यहीँ जेठ का महीना, यहीँ पुरवा हवा, 
आंखे बँद की तो तेरी पहली मुलाकात याद आयी...

1 comment: