चलो यादों के गाँव में चलते हैं ...
दोस्त देखें हमारे बीते पलों कि मीठास कितनी हैं ...
इस राह में कई घरौंदे भी हमने बनायें हैं ...
वहां अब भी उन दावतों कि महक बाकी है ...
जो हमने साथ कि थी ...
कुछ विचारों को हमने साझा किया था ...
और पाया था विश्वास एक दुसरे का ..
माना कम है दूरी बीते पलों की ...
पर नींव पक्की है हमारे संबंधों की ...
वो बीता हुआ गाँव कह रहा है ...
आगे कदम करो ...
कई आयाम हमारी प्रतीक्षा में है ...
तुम देना साथ मेरा ...
बनना राह का रहगुजर ...
ताकि हम बना सकें विचारों के नये गाँव दोस्त ...
दोस्त देखें हमारे बीते पलों कि मीठास कितनी हैं ...
इस राह में कई घरौंदे भी हमने बनायें हैं ...
वहां अब भी उन दावतों कि महक बाकी है ...
जो हमने साथ कि थी ...
कुछ विचारों को हमने साझा किया था ...
और पाया था विश्वास एक दुसरे का ..
माना कम है दूरी बीते पलों की ...
पर नींव पक्की है हमारे संबंधों की ...
वो बीता हुआ गाँव कह रहा है ...
आगे कदम करो ...
कई आयाम हमारी प्रतीक्षा में है ...
तुम देना साथ मेरा ...
बनना राह का रहगुजर ...
ताकि हम बना सकें विचारों के नये गाँव दोस्त ...
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